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ईडी मप्र के पूर्व मुख्यसचिव को ई टेंडर घोटाले में गिरफ्तार करने सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

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अपना लक्ष्य न्यूज



मप्र के पूर्व मुख्य सचिव होंगे गिरफ्तार!


प्रवर्तन निर्देशालय (ईडी) मप्र के एक पूर्व मुख्यसचिव को गिरफ्तार करने सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। पूर्व मुख्य सचिव एम गोपाल रेड्डी पर ई टेंडर घोटाले की आरोपी कंपनी मैक्स मेंटाना से लेनदेन के आरोप हैं। ईडी ने मेंटाना के चेयरमेन राजू मेंटाना और भोपाल की फर्म अर्नी इंफ्रा के मालिक आदित्य त्रिपाठी को मनी लांड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ में गोपाल रेड्डी से लेनदेन की जानकारी सामने आई है। ईडी गोपाल रेड्डी को गिरफ्तार करती इससे पहले उन्होंने तेलंगाना हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली। गोपाल रेड्डी की अग्रिम जमानत रद्द कराने ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दर्ज की है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट 5 सितंबर को सुनवाई कर सकता है। यह भी खबर आ रही है कि गिरफ्तारी की आशंका के चलते गोपाल रेड्डी बीमार रहने लगे हैं। उनका वजन बहुत कम हो गया है। केरल में उन्होंने एक महीने रहकर अपना इलाज भी कराया है।



भाजपा नेता ने मंत्राणी को बताया हिटलर


शिवपुरी के एक भाजपा नेता ने मप्र की खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया को हिटलर क्या बताया पुलिस ने स्वामी भक्ति दिखाते हुए नेताजी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। खबर है कि जब तक इस नेता ने मंत्री के पैरों में गिरकर माफी नहीं मांग ली, तब तक मंत्रीजी भी गुस्से से तमतमाई रहीं। चरण वंदना और माफीनामे के बाद अब मामला शांत हो गया है। दरअसल ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक रामजी व्यास अपनी पत्नी सरोज व्यास को नगर पालिका अध्यक्ष बनवाना चाहते थे। उन्होंने बहुमत की जुगाड भी कर ली, लेकिन यशोधरा राजे ने उनका खेल बिगाड़ दिया। सरोज व्यास उपाध्यक्ष बन पाईं। गुस्से में रामजी व्यास ने सोशल मीडिया पर यशोधरा को हिटलर और ज्योतिरादित्य को श्रीमंत लिख दिया था। चर्चा है मंत्री के इशारे पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।



मप्र में भी बलात्कार के आरोपी का सम्मान


बलात्कारियों और बलात्कार के आरोपियों के सम्मान की नई परम्परा शुरू हो गई है। गुजरात से शुरू हुई यह परम्परा मप्र भी पहुंच गई है। छतरपुर जिले के ब्रह्मेश्वर पीठ के पीठाधीश्वर लवलेश तिवारी एक महिला से बलात्कार के आरोप में पिछले छह महीने से जेल में था। इस सप्ताह हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जब वह छतरपुर जेल से बाहर आया तो उसके सैकड़ों भक्तों ने जेल के दरवाजे पर गर्मजोशी से उसका स्वागत किया। लवलेश भगवे कपड़े पहने जेल से बाहर आया। भक्तों ने उसे फूलमालाओं से लाद दिया। एक मंहगी लक्जरी कार से बैठकर वह जुलूस के रूप में वहां से ले जाया गया। सोचिये यह सब देखकर बलात्कार की शिकार महिला पर क्या बीत रही होगी!



आईएएस ने 1.20 करोड़ की रिश्वत ली


मप्र के एक मौजूदा आईएएस पर 1.20 करोड़ रूपये की रिश्वत का आरोप लगा है। यह मामला फिलहाल आयकर विभाग के पास बयान के जरिए पहुंचा है। आयकर विभाग इसकी सूचना मप्र लोकायुक्त और मप्र के मुख्य सचिव को देने की तैयारी कर रहा है। आयकर विभाग ने भोपाल में कुछ ठेकेदारों के यहां छापा मारा था। इस छापे के बाद एक ठेकेदार ने आयकर अफसरों को दिए लिखित हस्ताक्षर युक्त बयान में बताया कि सरकारी ठेके के भुगतान के एवज में एक सीधी भर्ती के आईएएस को 1.20 करोड़ नगद रिश्वत दी थी। आयकर विभाग इस बयान की तहकीकात करने के बाद अब इसकी सूचना राज्य सरकार और लोकायुक्त को भेजने जा रहा है। चर्चा है कि यदि लोकायुक्त संगठन ने इसकी जांच की तो आईएएस के लिए परेशानी बढ़ सकती है।



फिलहाल राॅ में आमद नहीं दे पाएंगे यह ईमानदार आईपीएस


मप्र के एक ईमानदार योग्य व दबंग युवा आईपीएस के राॅ में प्रतिनियुक्ति पर जाने के रास्ते में हाईकोर्ट के आदेश ने अड़चन पैदा कर दी है। खबर आ रही है कि राॅ ने फिलहाल इस अफसर की आमद पर रोक लगा दी है। छिंदवाड़ा एसपी विवेक अग्रवाल मप्र के बेहतर अफसरों में शुमार हैं। उन्होंने प्रतिनियुक्ति पर राॅ भी जाने का मन बनाया था। राॅ ने भी हरी झंडी दे दी। लेकिन इसी बीच मप्र हाईकोर्ट ने बलात्कार के एक मामले में ठीक से जांच न करने और बलात्कार के आरोपी पुलिस आरक्षक को कथित रूप से बचाने के मामले में नाराजगी व्यक्त करते हुए जबलपुर आईजी और छिंदवाड़ा एसपी को हटाने के निर्देश दे दिए। हालांकि राज्य सरकार आईजी और एसपी के साथ खड़ी है। लेकिन इस आदेश के बाद राॅ ने फिलहाल विवेक अग्रवाल की आमद को रोकते हुए पहले हाईकोर्ट से क्लीनचिट लेने को कहा है।



और अंत में….!


भोपाल के कवि वसंत सकरगाए ने भी कभी नहीं सोचा होगा कि इस सप्ताह उनकी लिखी कविता देश भर में धूम मचाएगी। “मेरे घर छापा पड़ा” शीर्षक से लिखी यह कविता जैसे ही वसंत सकरगाए के फेसबुक पर पोस्ट की इसे वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार सहित अनेक प्रमुख लोगों ने शेयर करना शुरू कर दिया। मंगलवार सुबह तक रवीश कुमार के फेसबुक पेज पर इस कविता को 48 हजार लोगों ने लाईक किया। 2700 लोगों ने कविता की प्रशंसा में कमेंट किये और 2500 लोगों ने इसे शेयर किया। देश की अनेक पत्र पत्रिकायें इस कविता को प्रमुखता से छाप रही हैं। भोपाल में डाक विभाग से रिटायर वसंत सकरगाए ने ईडी और सीबीआई छापों को लेकर यह चुटीली कविता लिखी है।

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